Category Archives: Below Poverty Line

खेत तालाब योजना

इस योजना का उद्देश्य कृषि के समग्र विकास के लिए सतही तथा भूमिगत जल की उपलब्धता को बढ़ावा है। सभी वर्गों के किसानों को इसका लाभ दिया जाता है। किसान स्वेच्छा से तालाब के तीन मॉडलों में से एक का चयन कर सकता है। सभी वर्गों के किसानों को लागत का 50 प्रतिशत अनुदान दिया

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बाड़ी (किचन गार्डन) कार्यक्रम-

राज्य शासन की उच्च प्राथमिकता के कार्यक्रमों के अंतर्गत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले लघु एवं सीमांत किसानों तथा खेतीहार मजदूरों को बाड़ी कार्यक्रम के अंतर्गत रुपये 50 की सीमा तक के सब्जी बीजों के पैकेट उपलब्ध कराये जाते हैं।

बायोगैस परियोजना

उद्देश्य व कार्यक्षेत्र- ऊर्जा के वैकल्पिक स्त्रोत उपलब्ध करवाना तथा कृषि के लिए उत्तम खाद उपलब्ध कराना। संपूर्ण मध्यप्रदेश में योजना लागू है। पात्र हितग्राही- अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु सीमांत, भूमिहीन मजदूर तथा सामान्य श्रेणी के कृषक। योजना क्रियान्वयन- 1 से 10 घन मीटर क्षमता के संयंत्र के निर्माण पर अनुसूचित जाति/जनजाति/लघु/सीमांत कृषकों तथा/भूमिहीन श्रमिकों को

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खेत तालाब योजना

उद्देश्य- कृषि के समग्र विकास के लिये सतही तथा भूमिगत जल की उपलब्धता को बढ़ाना। योजना का कार्यक्षेत्र- संपूर्ण मध्यप्रदेश में। पात्र हितग्राही- समस्त वर्ग के कृषक (मात्र एक खेत तालाब के लिये अनुदान।) योजना का स्वरूप- योजना में खेत तालाब निर्माण के तीन मॉडल तैयार किये गये हैं :- 1. आकार-15 मी.X15 मी.X3 मी.

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सघन कपास विकास कार्यक्रम

उद्देश्य- प्रदेश में कपास के उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ावा देना। प्रदेश के कपास उत्पादक 14 जिलों- धार, खण्डवा, बुरहानपुर, खरगोन, झाबुआ, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, बैतूल, सीहोर, छिंदवाड़ा, बड़वानी, हरदा और देवास में यह योजना लागू है। पात्र हितग्राही- अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु और सीमांत श्रेणी तथा सामान्य वर्ग के कृषक। हितग्राही चयन ग्रामीण कृषि विस्तार

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तिलहन दलहन एवं मक्का की एकीकृत योजना (आईसोपाम)

उद्देश्य- प्रदेश में दलहन, तिलहन और मक्का के उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ावा देना। योजना संपर्ण मध्यप्रदेश में लागू है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति लघु और सीमान्त श्रेणी तथा सामान्य श्रेणी के कृषक हितग्राही का चयन ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, कृषि विकास अधिकारी और वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी द्वारा किया जाता है। योजना- (1) बीज

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एकीकृत अनाज विकास कार्यक्रम (मोटा अनाज)

उद्देश्य व कार्यक्षेत्र- प्रदेश में गेहूं, ज्वार, चावल और अन्य मोटे अनाजों के उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि करना। योजना संपूर्ण मध्यप्रदेश में लागू है। पात्र हितग्राही- अनुसूचित जाति, जनजाति के लघु और सीमांत श्रेणी तथा सामान्य वर्ग के कृषक। हितग्राही चयन प्रक्रिया- कृषकों का चयन ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, कृषि विस्तार अधिकारी और वरिष्ठ

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