All Popular Schemes of Madhya Pradesh Government for Other Schemes

All Popular Schemes of Madhya Pradesh Government for Other Schemes

  • ग्रामीणों को निस्तार सुविधाएं

    उद्देश्य- प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय वनों से निस्तार सुविधाएं उपलब्ध करवाना। योजना का स्वरूप और कार्यक्षेत्र- 1. निस्तार नीति में रियायत की सुविधा वनों की सीमा से 5 किलोमीटर की परिधि के ग्रामों को होती है। इन ग्रामों को उपलब्धता के आधार पर वनोपज का प्रदाय वन समितियों के माध्यम से किया जाता है। ...
  • लोक वानिकी के माध्यम से ग्रामीणों और पंचायतों की आय

    उद्देश्य – निजी तथा राजस्व भूमि पर खड़े वनों तथा पड़ती भूमि की उत्पादकता बढ़ाकर भूमि स्वामियों और पंचायतों को नियमित आय सुनिश्चित करवाना। पात्र हितग्राही- 1. निजी भूमि पर खड़े वनों/वृक्ष आच्छादित क्षेत्रों, पड़ती भूमि का वैज्ञानिक प्रबंधन करने के इच्छुक भूमि स्वामी। 2. जिन पंचायतों के क्षेत्र में राजस्व विभाग के बड़े झाड़-छोटे झाड़ के ...
  • अनुसूचित जाति/जनजाति के सदस्यों के अल्पावधि ऋणों पर मूल से ज्यादा देय ब्याज हेतु अनुदान (दामदुपट योजना)

    योजना का उद्देश्य और स्वरूप- अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के कृषकों द्वारा 10 वर्ष से अनाधिक अवधि के ऋणों पर मूल से ज्यादा ब्याज की वसूली न करना। कार्यक्षेत्र- सं पूर्ण मध्यप्रदेश योजना का कार्यक्षेत्र है। हितग्राही चयन प्रक्रिया- अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के कृषकों के 10 वर्ष से अनधिक अवधि के ऋण की देय राशि जिसमें मूल से ज्यादा ब्याज ...
  • अनुसूचित जाति/जनजाति के सदस्यों को पैक्स/लैम्पस के माध्यम से उपभोग/सामाजिक उपभोग ऋण

    योजना का उद्देश्य और स्वरूप- अनुसूचित जाति/जनजाति के सदस्यों को शोषण से बचाने के लिए यह व्यवस्था की गई है कि सामाजिक कार्यक्रमों को संपन्न करने के लिये ऐसे वर्ग के सदस्य को 500 रुपये की सीमा तक उपभोग ऋण उपलब्ध कराया जाता है। कार्यक्षेत्र- सं पूर्ण मध्यप्रदेश योजना का कार्यक्षेत्र है। पात्र हितग्राही- अनुसूचित जाति/जनजाति का सदस्य, जिस ...
  • प्राथमिक विपणन समितियों के अंश खरीदने/सदस्य बनने के लिये अनुसूचित जाति/जनजाति के सदस्यों को अनुदान

    योजना का उद्देश्य और स्वरूप- इस योजना में प्राथमिक विपणन समितियों के अंश खरीदने/सदस्य बनने के लिये प्रत्येक अनुसूचित जाति/जनजाति के सदस्य को 100 रुपये के मान से अनुदान के रूप में सहायता उपलब्ध करवायी जाती है। कार्यक्षेत्र- योजना का कार्यक्षेत्र संपूर्ण मध्यप्रदेश है। पात्र हितग्राही – संपूर्ण राज्य के अनुसूचित जाति/जनजाति के व्यक्ति। संपर्क- प्रबंधक, प्राथमिक विपणन सहकारी ...
  • जिला प्राथमिक सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंकों के अंश खरीदने/सदस्य बनने के लिये ब्याज-रहित ऋण

    योजना का उद्देश्य और स्वरूप- इस योजना में अनुसूचित जाति/जनजाति के कृषक सदस्य को जिला प्राथमिक सहकारी कृषि और ग्रामीण जिला विकास बैंकों का सदस्य बनाने और उसके अंश खरीदने के लिए प्रत्येक सदस्य को 500 रुपये अथवा ऋण प्राप्ति का पाँच प्रतिशत तक ब्याज रहित ऋण उपलब्ध करवाया जाता है। कार्यक्षेत्र- योजना का कार्यक्षेत्र संपूर्ण मध्यप्रदेश ...
  • अनुसूचित जाति/जनजाति के सदस्यों को पैक्स/लैम्पस के अंश खरीदने/सदस्य बनने के लिये अनुदान

    योजना का उद्देश्य और स्वरूप- अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग को आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण पैक्स/लैम्पस का एक अंश खरीदने और सदस्य बनने में समर्थ न होने के कारण अनुसूचित जाति के सदस्य को 45 रुपये के मान से तथा अनुसूचित जनजाति के सदस्य को 200 रुपये के मान से अनुदान के रूप में सहायता ...
  • किसान साख-पत्र (किसान क्रेडिट कार्ड योजना)

    उद्देश्य -सहकारी संस्थाओं द्वारा स्वीकृत साख सीमा से कृषकों को सरलता से ऋण उपलब्ध करवाना। योजना का स्वरूप और कार्यक्षेत्र- सहकारी संस्थाओं द्वारा अपने कृषक सदस्यों को अधिकतम साख सीमा निर्धारित की जाना है। यह सीमा नगद और वस्तु रूप में अलग-अलग निर्धारित की जाती है। स्वीकृत ऋण सीमा में सदस्यों को संस्था की ओर से कृषक ...
  • फसल बीमा

    उद्देश्य- चुने हुए क्षेत्रों और चुनी हुई फसलों के सभी ऋणी सदस्यों की फसल का बीमा कर नुकसान होने की भरपाई करना। योजना का स्वरूप और कार्यक्षेत्र- यह योजना वर्ष 1985-86 से ऋणी सदस्यों के लिये अनिवार्य कर दी गई है। लघु और सीमांत सदस्यों को 90 प्रतिशत राशि देना होता है। शेष राशि केन्द्रीय और राज्य ...
  • आभूषणों के तारण पर ऋण

    उद्देश्य- कमजोर वर्ग के सदस्यों को कम ब्याज दर पर आकस्मिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये ऋण उपलब्ध कराना। योजना का स्वरूप और कार्यक्षेत्र- सोने और चांदी के आभूषणों के तारण पर कम ब्याज दर पर आकस्मिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना को चलाया जा रहा है। संपूर्ण मध्यप्रदेश योजना का कार्यक्षेत्र ...
  • वाहन ऋण योजना

    उद्देश्य- ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन की सुविधाओं को विकसित करना। योजना का स्वरूप और कार्यक्षेत्र- व्यक्तिगत और व्यावसायिक हितग्राहियों को वाहन क्रय करने के लिए 10.00 लाख रुपये तक का ऋण प्रदाय किया जाता है। योजना का कार्यक्षेत्र संपूर्ण मध्यप्रदेश है। योजना क्रियान्वयन प्रक्रिया- प्रदेश के सभी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के माध्यम से इस योजना का क्रियान्वयन ...
  • कृषकों को उपज के तारण पर ऋण प्रदाय योजना

    उद्देश्य- कृषकों की उपज को तारण पर रख कर ऋण की स्वीकृति। योजना का स्वरूप और कार्यक्षेत्र- यह व्यवस्था इसलिए की गई है कि बाजार में कृषि उपज के भाव घटते-बढ़ते रहते हैं। यदि कृषक इसमें रुचि रखता है तो वह अपने कृषि उत्पादन का बैंकों के तारण पर ऋण प्राप्त कर सकता है। अच्छे भाव खुलने ...
  • संकर मिर्च उत्पादन योजना-

    गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन कर रहे अनुसूचित जाति वर्ग के लिये वर्ष 2006-2007 से यह योजना प्रदेश के 37 जिलों में प्रारम्भ की गयी है। जिसमें न्यूनतम 0.1 हेक्टेयर एवं अधिकतम 0.5 हेक्टेयर के लिये रुपये 7000/- की आदान सामग्री प्रदाय की जाती है। सम्पर्क- ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी।
  • औषधीय एवं सुगंधित फसलें

    मिनीकिट वितरण- अजवाइन, इसबगोल, सर्पगंधा, अश्वगंधा, एवं अन्य फसलों के मिनीकिट रुपये 100/- की वित्तीय सीमा तक वितरण किये जाने का प्रावधान है। प्रशिक्षण मशरुम प्रशिक्षण- कृषकों को मशरूम उत्पादन का व्यवसायिक प्रशिक्षण देने के लिए रीवा, खण्डवा, शाजापुर, उज्जैन, ग्वालियर एवं सागर केन्द्रों में सात दिवसीय प्रशिक्षण दिये जाने की व्यवस्था है। जिसमें कृषकों को यातायात, भोजन ...
  • मसाला विकास

    मसाले वाली फसलों का मिनीकिट वितरण- योजना में अदरक, हल्दी, लहसुन, धनियां एवं मिर्च के मिनीकिट जिलों में वितरित किये जाते हैं। इस योजना के तहत धानियां एवं मिर्च के लिए रुपये 100/- अदरक के लिए रुपये 350/- लहसुन एवं हल्दी के लिए रुपये 250/- के बीज मिनीकिट दिये जाते हैं। संपर्क- ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी।
  • पुष्प विकास

    पुष्प प्रदर्शन- प्रदेश में पुष्प क्षेत्र विस्तार एवं उत्पादन में वृद्धि करने के लिए प्रदर्शन की योजना स्वीकृत की गई है जिसमें गुलाब, रजनीगंधा, आस्टर, गेंदा, गुलदाउदी, ग्लेडीओलाई आदि प्रमुख पुष्पों के 0.04 हेक्टर (400 वर्ग मीटर पर) में कृषकों के यहां प्रदर्शन डाले जाते है। प्रति प्रदर्शन बीज, पौध, बल्व, सकर्स पर 4000/- रुपये ...
  • आलू प्रदर्शन-

    रबी मौसम में आलू क्षेत्र विस्तार को बढ़ावा देने के लिए आलू विकास योजना के अंतर्गत रुपये 500/- का अनुदान दिया जाता है। जिसके तहत 480/- रुपये का आलू बीज एवं 20/- रुपये की बीज उपचार औषधियां प्रदान की जाती है।
  • बाड़ी (किचन गार्डन) कार्यक्रम-

    राज्य शासन की उच्च प्राथमिकता के कार्यक्रमों के अंतर्गत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले लघु एवं सीमांत किसानों तथा खेतीहार मजदूरों को बाड़ी कार्यक्रम के अंतर्गत रुपये 50 की सीमा तक के सब्जी बीजों के पैकेट उपलब्ध कराये जाते हैं।
  • समन्वित सब्जी विकास

    समन्वित सब्जी विकास- मध्यप्रदेश के समस्त जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर परिधि में सब्जी उत्पादन में वृद्धि की दृष्टि से योजना चलाई जा रही है। योजनांतर्गत सामान्य कृषकों को संकर सब्जी बीज एवं कीटनाशक औषधि के लिए रुपये 1500/- प्रति हेक्टर तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कृषकों को रुपये 2250/- प्रति हेक्टर की ...
  • केला प्रदर्शन

    उद्देश्य- केला रोपण के क्षेत्र एवं उत्पादन में वृद्धि। योजना का स्वरूप और कार्यक्षेत्र- कृषकों के खेतों में केले के 1/25 हैक्टर (400 वर्गमीटर) के प्रदर्शन डाले जाते हैं। प्रदर्शन के लिए प्रति प्रदर्शन 2250/- रुपये अनुदान दिया जाता है। ये प्रदर्शन उपयुक्त जलवायु वाले क्षेत्र में जहाँ केले की खेती का प्रचलन नहीं है, उन ...
  • टॉप वर्किंग

    उद्देश्य- फल उत्पादन में वृद्धि। योजना का स्वरूप और कार्यक्षेत्र- ग्रामीण बेरोज़गार युवकों को देशी बेर, आँवला और आम के वृक्षों की टॉप वर्किंग कर व्यवसायिक किस्मों में परिवर्तन करने का 20 दिवसीय प्रशिक्षण रुपये 200 प्रति प्रशिक्षणार्थी की छात्रवृत्ति देकर करवाया जाता है। प्रशिक्षण के बाद इन्हे रुपये 400 के टूल किट दिये जाते है। ...
  • फल-पौध रोपण अनुदान

    उद्देश्य- फलरोपण क्षेत्र में वृद्धि। योजना का स्वरूप और कार्यक्षेत्र- जो कृषक ऋण नहीं लेना चाहते हैं उन्हें विभागीय योजनाओं में आम, संतरा, नीबू, आँवला, अमरूद एवं अनार का बगीचा लगाने के लिए नाबार्ड द्वारा प्रति हैक्टर निर्धारित लागत मूल्य का 25।़ अनुदान दिया जाता है। अंगूर, केला एवं पपीता फल पौध रोपण पर अनुदान केवल ...
  • बलराम ताल योजना

    उद्देश्य- वर्षा के बह जाने वाले जल की अधिकतम मात्रा खेतों में रोककर उससे सिंचाई करने के लिये बलराम ताल योजना प्रारंभ की गई। योजना का स्वरूप- खेतों में बलराम ताल निर्माण के लिये 25 प्रतिशत अनुदान देय होगा जिसकी अधिकतम सीमा 50 हजार रुपये होगी। पात्र हितग्राही- 25 मई 2007 के बाद पंजीकृत प्रकरणों पर योजना ...
  • मिट्टी परीक्षण कार्यक्रम

    मिट्टी में विद्यमान प्रमुख एवं सूक्ष्म तत्वों की जांच की सुविधा प्रदेश की 24 मिट्टी परीक्षण प्रयोग शालाओं में उपलब्ध है। शुल्क – निम्नानुसार है। (1) मुख्य तत्व विश्लेषण रु. 5 प्रति नमूना रु. 3 प्रति नमूना (2) सूक्ष्म तत्व विश्लेषण रु. 40 प्रति नमूना रु. 30 प्रति नमूना संपर्क- क्षेत्रीय ग्रामीण विस्तार अधिकारी।
  • राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना

    उद्देश्य- कृषकों की फसल को प्राकृतिक आपदाओं जैसे सूखा, ओले और कीट व्याधि से होने वाली क्षति की प्रतिपूर्ति के लिए सहायता देना। पात्र हितग्राही- ऐसे कृषक जिनकी फसलों को क्षति पहुंची है, अधिसूचित क्षेत्र के है और जिन्होंने अधिसूचित फसलों के लिये बैंक से ऋण लिया हो तथा गैर ऋण किसान जिन्होंने स्वेच्छा से बीमा ...